स्वीडन के स्वांते पाबो को चिकित्‍सा के क्षेत्र में नई खोज के लिए 2022 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया

उन्‍हें यह पुरस्‍कार मानवों के विलुप्त पूर्वजों और मानव विकास की आनुवांशिकी (जीनोम) से जुड़ी खोजों के लिए दिया गया है।

post by Sakshi Singh | 3:00pm on 4th Oct 2022 Tuesday
#स्वांतेपाबो



पुरस्‍कार प्रदान करने वालो पैनल ने कहा कि पाबो की खोज ने इस बारे में हमें नई जानकारी दी है कि आधुनिक समय का मानव अपने विलुप्त पूर्वजों से कैसे विकसित हुआ।  पाबो की खोज मानवों की प्रतिरक्षा प्रणाली और इस मामले में उसकी अपने पूर्वजों से विशिष्टता के बारे में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करती है।


67 वर्षीय स्वांते पाबो ने अपना शोध कार्य जर्मनी के लीपजिंग में मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर इवोल्यूशनरी एंथ्रोपोलॉजी मेंजेनेटिक्स विभाग में पूरा किया। पाबो के पिता सुने बर्गस्‍ट्राम ने भी 1982 में चिकित्‍सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्‍कार जीता था।

 
चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार के साथ ही नोबेल पुरस्कारों की घोषणा की शुरूआत हो गई है। कल यानी मंगलवार को भौतिकी विज्ञान, बुधवार को रसायन विज्ञान और गुरुवार को साहित्य के क्षेत्र में इन पुरस्कारों की घोषणा की जाएगी। 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा शुक्रवार और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में पुरस्कार की घोषणा 10 अक्तूबर को की जाएगी।


नोबेल पुरस्‍कार के तहत लगभग 900,000 अमेरिकी डॉलर दिए जाते हैं। यह राशि 10 दिसंबर को पुरस्‍कार के साथ दी जाएगी।